लेखिका परिचय: नीलम एच. शाह
मैं नीलम एच. शाह, कच्छ की निवासी हूँ। परिवार मुंबई रहता है।
वैसे तो मैं स्कूल के समय से लेखन करती आई हूँ।
कुछ वर्षों से मैं अंग्रेजी, गुजराती और हिंदी में कविताएं लिखती हूं। ब्लॉग्स इंग्लिश में लिखती हूं।
कॉलेज और नौकरी करते समय से जिंदगी के फलसफों को शायरी या काफ्या के रूप में अपनी अभिव्यक्ति करती रही, जिससे अपने मित्रगण और colleagues में एक स्वीकृति रही।
जीवन में तात्विक बातों के प्रश्न बनते, विचारों में स्पष्टता नहीं मिलती,
फिर जैसे जैसे खुद में तत्वज्ञान की समझ बढ़ती गई, मैं कविताएं लिखती रही।
मेरी रचनाएँ सही की समझ को आगे पहुँचाने का प्रयास करती हैं। हालांकि, मेरा झुकाव जैन दर्शन और आध्यात्मिक चिंतन की ओर अधिक है, जिसके कारण कभी-कभी मध्यस्थ दर्शन के संदर्भ में समीक्षा करना संभव नहीं हो पाता।
मैं शेयर मार्केट्स में एडवाइजरी का काम करती। उस सिलसिले में जुड़े रहने के लिए पहले Finance का Blog शुरू किया, अपने मित्र गण के लिए।
फिर दर्शन की रोशनी में और मेरे परिवार में स्वास्थ्य संयम का काम चलता, इसीलिए 2 प्रकार के और ब्लॉग लिखे :: Correct Living, and Health blogs...
सार्थक रूप से कविताएं 2019 से लिखना शुरू किया जिसमें कभी कभी परिवार मूल्य, परिवारजनों के गुणों को बताते हुए कविताएं लिखी,
परिवार में माता पिता, पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कविताएं लिखी। इससे परिवार में उत्साह और विश्वास, स्नेह एक दूसरे के लिए बढ़ी।
मेरे लिए लेखन केवल एक अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया है जो मेरे विचारों में स्थिरता लाती है, स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बढ़ाती है, और परिवार में समझदारी से संवाद करने का अवसर प्रदान करती है। इससे परिवार के सदस्य आपस में अधिक जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।
मैं 2011 से मध्यस्थ दर्शन (सह-अस्तित्ववाद) का अध्ययन कर रही हूँ।
लेखन के माध्यम से, मैं अपने विचारों का चिंतन-मनन करती हूँ और उन्हें समाधान तक ले जाने की कोशिश करती हूँ। यह प्रक्रिया मेरे विचारों में स्थिरता लाने में सहायक होती है और मुझे अपने अनुभवों को स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में मदद करती है।
मैंने अपनी रचनाओं को ‘futureofwriting.org’ वेबसाइट पर प्रकाशित करने की सहमति दी है और साथ ही, मैं अपनी कविताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करने के लिए भी सहमत हूँ, ताकि वे अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँचें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकें।