Loading...
 
Skip to main content

लेखिका परिचय: नीरू

मैं नीरू, रामनगर, नैनीताल (उत्तराखंड) की निवासी हूँ। मैंने लेखन की शुरुआत 50 वर्ष की उम्र में की, हालांकि इससे पहले जब मेरे बच्चे छोटे थे, तब मैं उन्हें चित्र पुस्तकों को कविता के रूप में पढ़कर सुनाया करती थी। यह प्रारंभिक अनुभव मुझे कविता लिखने की ओर प्रेरित करता रहा।

मेरी रचनाओं की प्रेरणा मध्यस्थ दर्शन और मेरे आस-पास के वातावरण से मिलती है। जब मैं लिखती हूँ, तो मुझे भीतर से एक गहरी संतुष्टि और शांति का अनुभव होता है। मेरा मानना है कि मेरी कविताएँ पाठकों का ध्यान इस सुंदर दुनिया की ओर आकर्षित कर सकती हैं, जहाँ हर चीज़ सह-अस्तित्व में मौजूद है।

मैं पिछले आठ वर्षों से मध्यस्थ दर्शन (सह-अस्तित्ववाद) का अध्ययन कर रही हूँ, लेकिन 2021 में दिल्ली सरकार में शिक्षक के रूप में सेवानिवृत्त होने के बाद मैंने इसे गंभीर रूप से पढ़ना शुरू किया।

अब तक मैंने अधिक लेखन नहीं किया है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना कठिन है, कि *मेरी कविताओं से पाठकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा या उन्हें क्या प्रेरणा मिलेगी *लेकिन निश्चित रूप से मुझे अन्य लेखकों की रचनाओं से प्रेरणा मिली है।

मैंने अपनी रचनाओं को ‘futureofwriting.org’ वेबसाइट पर प्रकाशित करने की सहमति दी है और साथ ही, अपनी कविताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करने की भी अनुमति दी है, ताकि वे अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचें और मानवीयता व सह-अस्तित्व के संदेश को फैलाने में सहायक बनें।