लेखक परिचय: निशि कांत सिंह
मैं निशि कांत सिंह, भुवनेश्वर, ओड़िशा का निवासी हूँ। मैंने अपनी पहली कविता 12वीं कक्षा (1992) में लिखी थी, लेकिन मध्यस्थ दर्शन से परिचय के बाद दिसंबर 2025 से मैंने लेखन को एक नए दृष्टिकोण से देखना शुरू किया। मेरा लेखन प्रकृति के अवलोकन और आत्मनिरीक्षण से प्रेरित होता है।
मेरी रचनाएँ पाठकों को अवलोकन और आत्मनिरीक्षण के लिए प्रेरित करती हैं और सत्य की अभिलाषा को जागृत करने का प्रयास करती हैं। मैं अपने लेखन के माध्यम से कला की वास्तविक उपयोगिता को पहचानने के लिए प्रेरित करना चाहता हूँ, ताकि यह केवल मनोरंजन का माध्यम न रहकर सत्य के शोध का एक सशक्त साधन बन सके।
आज के समय में, जब अमानवीय सामग्री लोकप्रिय होती जा रही है, मेरी कविताएँ,पाठकों को मध्यस्थ दर्शन के प्रस्तावों के प्रति जिज्ञासु बनाने और सत्य की खोज के लिए प्रेरित करने का प्रयास करती हैं। मेरा मानना है कि वास्तविक साहित्य वही है, जो मनुष्य को जागरूक बनाकर उसे आत्मसाक्षात्कार और सम्यक दिशा में प्रेरित करे।
मैं अक्टूबर 2022 से मध्यस्थ दर्शन (सह-अस्तित्ववाद) का अध्ययन कर रहा हूँ। इस अध्ययन के आधार पर, मैंने अपने जीवन में जागृति और पूर्णता के अर्थ में अपनी ऊर्जा को आंतरिक रूप से नियोजित करने और बोध एवं अनुभव की प्राथमिकता को निश्चित करने का प्रयास किया है।
मैंने अपनी रचनाओं को ‘futureofwriting.org’ वेबसाइट पर प्रकाशित करने की सहमति दी है और इसके साथ ही, मैं अपनी कविताओं को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर साझा करने के लिए भी सहमत हूँ, ताकि वे अधिक से अधिक पाठकों तक पहुँच सकें और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकें।