अध्ययन

आभास से अनुमान से अनुभव का मार्ग है बहुत सरल
योग संयोग बनाकर राह तलाशता चलता है जिज्ञासु कोई विरल !
साधना से होता है सिद्ध जीवन का अनुभव
या अनुभवगामी विधि कर अध्ययन से होता है यह संभव !

भक्तिवाद, व्यक्तिवाद, भौतिकवाद हुए सब Fail
जब संसार की डूबती नैया को मिला मध्यस्थ दर्शन का Sail
हर एक इकाई उसके वास्तविक रूप में हुई प्रस्तुत,
गुणधर्म से उपयोगिता की समझ हुई चुस्त

जब मानव से मानव का हुआ सही परिचय
तब जड़ और चैतन्य भिन्न है उसका दूर हुआ संशय
वाह रे दिव्य मानव, अनुभव की बातों को आसानी से लिखा परिपूर्ण वांग्मय !
सत्य की रोशनी में अणु परमाणु के सब हुए उत्तरित रहस्य!!

समझना है जानकर मानने का अध्ययन का पहला पड़ाव
चैतन्य जीवन को पढ़ पाना, जीवन विद्या का है सहज प्रस्ताव
अभ्यास से ही सार्थक है समझने का कार्य
अध्ययनशील रहना है अनुभव होने में अनिवार्य ।।।।
निरंतरता ही है परम नियम
नियम के साथ हो संयम
समझने का सरल बनता है फिर कार्यक्रम !!!

व्यवस्था लक्ष्यबद्ध - नियमपूर्ण स्थापित होता है
चेतना विकास मूल्य शिक्षा से अध्ययन प्रस्थापित होता है
समस्याओं से पहले समाधान के आयामों का पता होता है
कुदरत के भरमार को समृद्धि के आयाम से संतोष होता है
मार्ग से लक्ष्य तक का सफर सिर्फ अध्ययन से पार होता है।।।।

Neelam M. Shah ji

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