।। मान्यता।।
मानव का मानव से जो दूरी है
जाती,लिंग,भाषा,प्रान्त
धर्म,संप्रदाय के नाम से
वह सब मान्यता है
इसलिए कभी मणिपुर में तो
कभी वांग्लादेश में
एक मानव दूसरे मानव को जलाता है
सिमा के नाम पर एक व्यक्ति अन्य व्यक्ति को
गोली मार देता है
चाहे दिल्ली हो या गाँव
एक निर्भया को हम अभयता दे नहीं पाये
कलकत्ता के महिला डॉक्टरजी के साथ
नाइंसाफी हो जाता है
कब तक ये खेल खेलते रहेंगे
मानव का मानवीयकरण होने के बजाए
सारे तामझाम बंद करें
विश्वास के जो संकट आया है मानव में
उसको तुरंत मिल कर हल करें ।।
निरोज
31/12/2024