न्याय धर्म सत्य
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ईंट का जवाब पत्थर से देना
संपत्ति में समान हिस्सेदारी का दावा
फैसला को न्याय मान लेना
क्या यही न्याय है?2
संबंधों में मूल्यों को पहचान कर
मूल्यांकन करते हुए निर्वाह करना
और उभय तृप्तिपूर्वक जीना ही न्याय है।
क्या यही न्याय है? 2
हाँ यही न्याय है।
क्या यही धर्म है?
प्रतीक चिन्ह कर्मकांड रुढी़
आस्था मान्यता के आधार पर वैर विरोध नफरत युद्ध
का वातावरण निर्मित करना
क्या यही धर्म है?
व्यवस्था को समझकर व्यवस्था में जीना सुखी होने का यही आधार है
सुखी होना ही मानव का धर्म है।
क्या यही धर्म है?
हाँ यही धर्म है।
क्या यही सत्य है?
किसी घटना की पुनरावृत्ति कर देना
पवित्र ग्रंथ पर हाथ रख कर बोल देना
क्या यही सत्य है?
अस्तित्व सह अस्तित्व है
अस्तित्व नित्य वर्तमान है
अस्तित्व नित्य प्रकटनशील है
चारों अवस्थाओं में संतुलन स्थापित हो जाना ही सत्य है।
क्या यही सत्य है?
हाँ रही सत्य है।
हाँ यही सत्य है।
कवि महेंद्र सिंह ‘अजनबी’
झारखंड।
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न्याय धर्म सत्य
Mahendra Singh ji