मन रे आत्मानुगामी बनें
परिमार्जन और प्रत्यावर्तन की यात्रा पर चलें
मन रे आत्मानुगामी बनें
अस्तित्व है अद्भुत नित्य निरंतर
ये कोई स्वप्न नहीं है
जान ले इसको मान ले इसको
जीना इसमें ही है
सह अस्तित्व नित्य है
मन रे आत्मानुगामी बनें
परिमार्जन और प्रत्यावर्तन की यात्रा पर चलें
मन रे आत्मानुगामी बनें