- श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं*
परंपरा के अर्थ में कुछ विश्लेषण किया है ,आप लोग इसमें सुधार भी कर सकते हैं एक अनुमान मैंने लिखा है 🙏🙏🙏🙏
श्री कृष्ण जी को पूर्ण पुरुष कहा जाता है 🙏🙏🙏
16 कलाओं के अवतार थे श्री कृष्ण जी 🌹🌹🌹
चित्त में आठ क्रियाएं स्थिति में और 8 क्रियाएं गति में रहती है
इस प्रकार से 16 क्रियाएं चित्त के क्षेत्र की स्पष्टता पवित्रता का क्षेत्र है
मेधा और कला का क्षेत्र जो है वह चित्त ही है
मेधा का मतलब विवेक की स्पष्टता है
कला का अर्थ है
उपयोगिता की वृद्धि अर्थात समाज गति
समाज गति में जीने वाले मानव व चित्त शुद्धि काअर्थ
अर्थात अखंड समाज सर्वभौम व्यवस्था के अर्थ में जीना ही
पूर्णता के अर्थ में गति है
इस अर्थ में श्री कृष्ण जन्माष्टमी सफल होती है
ऐसा एक अनुमान बनता है
परंपरा में कर्म सूत्रित हो गए मूल ज्ञान सूत्रित नहीं हुआ
कर्म के स्पष्टता भी नहीं हुई
जो कृत,कारित, अनुमोदित विधि से जीना है
श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, 🎊 🌹 🎊🌹 🌹 🎊🌹