तन,मन,मूल धन है 🌹🌹🌹
प्रक्रति पर तन और मन के संयुक्त नियोजन से अन्य भौतिक रासायनिक वस्तु रुपी धन है 👏👏👏👏
तन सेवा मन जागृति व धन समाज गति के अर्थ में हैं👍👍👍👍
इस प्रकार नैतिकता पूर्वक ही समस्त धन सार्थक होता है 👌👌👌👌
समाधान ही सम्रद्धि पूर्वक मानव परंपरा में सूत्रित होती है 🎊🎊🎊🎊
और मानव परंपरा में समाधान के प्रमाण के रूप में समृद्धि प्रमाणित होती है 😊😊😊
समृद्धि के प्रतीक धन तेरस की आप सभी को शुभकामनाएं 🌷🌷🌷🌷🌷
प्रकृति के समृद्धि का पर्व मानव वर्तमान तक मानता रहा है 🌹🌹🌹🌹
समाधान पूर्वक मानव परंपरा की समृद्धि के पर्व को भी हम मना पाएं🌺🌺🌺🌺
इसी आशा शुभकामना के साथ सभी को धनतेरस की शुभकामनाएं🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏🌹🙏
Sunita Pathak ji