ज्ञान का उत्सव मनाओ
ज्ञान का दीप जलाओ
समाधान समृद्धि हो
मन में शुचिता और शुद्धि हो
आत्मबल में जीवन प्रकाश हो
जाग्रति की हर मानव में प्यास हो
व्यवस्था का संवाद हो
हर मन मे उल्लास हो
सुख शांति के गीत हों
संतोष आनंद की रीत हो
विश्वास की परंपरा का निर्वाह रहे
मानवत्व प्रमाण रहे
मानव मानसिकता से ओतप्रोत
हर मानव संतान रहे
अभयता मानव समाज रहे
जीने मे सह-अस्तित्व प्रमाण रहे
   *लेखिका सुनीता पाठक*

Sunita Pathak ji

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